monkeypox cases: क्या देश में बढ़ रहे मंकीपॉक्स के केस? केरल, दिल्ली के बाद अब तेलंगाना में मिला संदिग्ध मरीज – Monkeypox suspected case in Telangana Kamareddy district ntc


स्टोरी हाइलाइट्स

  • केरल में मिला था मंकीपॉक्स का पहला मरीज
  • 6 जुलाई को कुवैत से लौटा था तेलंगाना का मरीज
  • देश में अब तक मंकीपॉक्स के चार मरीज मिल चुके

केरल के बाद दिल्ली में रविवार को मंकीपॉक्स का केस सामने आया है. वहीं अब तेलंगाना के कामारेड्डी जिले में विदेश से लौटे एक शख्स में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखे हैं. राज्य के जन स्वास्थ्य निदेशक जी श्रीनिवास राव ने बताया कि रविवार को बताया कि कामारेड्डी जिले के इंदिरानगर कॉलोनी के 40 वर्षीय व्यक्ति को हैदराबाद के फीवर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह शख्स कुवैत से 6 जुलाई को आया था. 20 जुलाई को इसे बुखार आया. इसके बाद शख्स के शरीर पर 23 जुलाई को चकत्ते पड़ने लगे जिसके बाद उसे कामारेड्डी जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

संदिग्ध मरीज का सैंपल पुणे भेजा गया

जनस्वास्थ्य निदेशक ने बताया कि मरीज के नमूने लेने के बाद उसे पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु संस्थान (एनआईवी) भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने तक उसे एक अलग वॉर्ड में रखा जाएगा. 

संपर्क में आए छह लोगों की हुई पहचान

वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया,’हमने इस व्यक्ति के संपर्क में आए छह लोगों की पहचान की है. हालांकि उनमें किसी तरह का कोई लक्षण नहीं है और उन्हें भी आइसोलेशन में रखा गया है.’ तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री टी हरीश राव ने स्थिति की समीक्षा की है और उनके निर्देशों के आधार पर सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं.

दिल्ली में मिला मंकीपॉक्स का पहला मरीज

दिल्ली में भी रविवार को मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित पहले मरीज का टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव आया है. फिलहाल वो लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में भर्ती है और उसकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. 

अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि दो दिन पहले LNJP अस्पताल में भर्ती हुए इस मरीज को बुखार था और स्किन में खरोच थी. ये ठीक वैसी ही थी जैसी मंकीपॉक्स में होता है. इसलिए मरीज का सैम्पल पुणे भेजा गया था जो आज पॉजिटिव पाया गया है. 

उन्होंने बताया कि मरीज की हालत अब स्थिर है. उसकी पल्स रेट और ब्लड प्रेशर ठीक हैं और वह रिकवर कर रहा है. मरीज को 10 दिन पहले बुखार आया था और बुखार के 5 दिन बाद स्किन में खरोच नजर आई थी. मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है.

14 जुलाई को मिला था केरल में पहला केस

दिल्ली से पहले केरल में मंकीपॉक्स के तीन केस मिल चुके हैं. केरल में 14 जुलाई को मंकीपॉक्स का पहला केस सामने आया था. इसके चार दिन बाद 18 जुलाई को दूसरे मामले की पुष्टि हुई थी फिर 22 जुलाई को तीसरा मामला सामने आया. तीनों मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री रिकॉर्ड की थी. ये तीनों ही मरीज यूएई से लौटे थे और वहीं किसी संक्रमित के संपर्क में आए थे. 

WHO ने हेल्थ इमरजेंसी घोषित की

दुनियाभर में तेजी से फैल रहे मंकीपॉक्स को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि मंकीपॉक्स का प्रकोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता करने वाला है. 

ये होते हैं मंकीपॉक्स के लक्षण? 

– मंकीपॉक्स वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड 6 से 13 दिन तक होता है. कई बार 5 से 21 दिन तक का भी हो सकता है. इन्क्यूबेशन पीरियड का मतलब ये होता है कि संक्रमित होने के बाद लक्षण दिखने में कितने दिन लगे. 

– संक्रमित होने के पांच दिन के भीतर बुखार, तेज सिरदर्द, सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखते हैं. मंकीपॉक्स शुरुआत में चिकनपॉक्स, खसरा या चेचक जैसा दिखता है. 

– बुखार होने के एक से तीन दिन बाद त्वचा पर इसका असर दिखना शुरू होता है. शरीर पर दाने निकल आते हैं. हाथ-पैर, हथेलियों, पैरों के तलवों और चेहरे पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं. ये दाने घाव जैसे दिखते हैं और खुद सूखकर गिर जाते हैं.  

– शरीर पर उठने वाले इन दानों की संख्या कुछ से लेकर हजारों तक हो सकती है. अगर संक्रमण गंभीर हो जाता है तो ये दाने तब तक ठीक नहीं होते, जब तक त्वचा ढीली न हो जाए.


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